कहानी बनने से पहले,
फ़साना बुन लिया जाए।
तरंगें हों तो कहना क्या,
न हों तो धुन ही मिल जाए।
कहानी बनने से पहले,
तराना सुन लिया जाए।
समझ आए तो बरकत हो,
खाली गागर भी मुस्कुराए।
कहानी बनने से पहले,
बहाना चुन लिया जाए

कि मरकर याद आना है,
या खुशियाँ बाँटकर जाएँ।