(Some lines for the loved ones who left us with their immortal memories.)
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मोती खिरा एक और जब
पत्तों से मीठी ओस का
फूलों ने चाहा थाम लें
जाने ना दें, खुद में छुपा
भौंरों सा वो जाता रहा
अपनी ही धुन और राग में
मदमस्त इतराता हुआ
चमकीली, चुभती धूप में

रोका बहुत पंछी, गगन,
झोंकों की हर एक आस ने
कुछ और पल थोड़ा ठहर
दो बात कर आराम से
जल्दी तुझे किस बात की
राहें बदल, पर चलता चल
कुछ और शामें देख ले
ऐ दोस्त यह फरियाद सुन
जाता, लुभाता ही रहा
एक टक सभी तकते रहे
मोती हंसा हर बात पर
और सो गया, हम …… रहे ।